बैटरी स्वैपिंग नीति क्या है? इसके फ़ायदे एवं नुकशान | What is Battery Swapping Policy 2022

क्या है ये बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी और कैसे ये आपकी मुश्किल आसान करेगी कैसे करता है काम ?

Battery Swapping Policy : इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेना यानि चार्जिंग के लिए घंटो इंतजार और चार्जिंग स्टेशन की कमी अगर आप भी यही सोच कर अब तक इलेक्ट्रिक व्हीकल से भाग रहे थे तो इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद  आपका ये गिला शिकवा भी दूर हो जायेगा | जी हां आज हम आपको एक ऐसी पॉलिसी के बारे में बताएँगे जिसके बारे में जान के आपका बैटरी को लेकर चिंता दूर हो जाएगी।  हम बात करने वाले है Battery  Swapping Policy के बारे में |  

बैटरी स्वैपिंग क्या होता है (What is Battery Swapping Policy)

नीति आयोग की इस बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी को Union Budget 2022 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया,  इस योजना के तहत आपको अपनी डिस्चार्ज बैटरी को चार्ज करने के लिए घंटो इंतजार करने की जरूरत नहीं है बस आपको कुछ मिनट में फुल चार्ज बैटरी मिल सकती है ।

आसान शब्दों में कहे तो अगर आपकी बैटरी खत्म हो जाती है तो आपको किसी चार्जिंग स्टेशन पर 6 -8 घंटे वेट करके बैटरी चार्ज करने की जरूरत नहीं है बस आपको अपनी डिस्चार्ज बैटरी नजदीकी किसी भी बैटरी स्वैपिंग ड्राफ्ट में जाकर अपनी डिस्चार्ज बैटरी को देकर फुल चार्ज बैटरी लेनी है

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बैटरी स्वैपिंग इन इंडिया (Battery Swapping in India)

बैटरी स्वैपिंग ड्राफ्ट पर आपको अलग अलग कंपनी जैसे Tata group , Amara Raja Batteries, और Hero Motocorp बैटरी के साथ और अलग अलग पावर की सारी EV बैटरी मिल जाएगी तो आप अपनी बैटरी के बदले दूसरी फुल चार्ज बैटरी ले सकते है।  और आपको घंटो वेट भी नहीं करना पड़ेगा न मेहनत लगेगी .

बैटरी स्वैपिंग टेक्नोलॉजी के फायदे (Battery Swapping Technology Pros)

  • बैटरी स्वैपिंग टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा फायदा ये होगा की आपको अपनी बैटरी चार्ज  के लिए 6 -8 घंटे रुकना नहीं पड़ेगा यानि ये आपकी लम्बी जर्नी को सुपर इजी बना देगा बस अपनी डिस्चार्ज बैटरी जमा करो और पहले से फुल चार्ज बैटरी ले लो
  • इसके अलावा बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ग्रीन तकनीक और  इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा दे रहा है
  • इस योजना के लिए बैटरी में स्मार्ट BMS होना अनिवार्य है  BMS यानि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम  जो आपकी बैटरी को चार चीज़ो ओवर चार्ज, ओवर डिस्चार्ज, बैलेंस चार्जिंग और शार्ट सर्किट से बचाने के काम आता है
  • Battery Swapping की इस पालिसी के अनुशार अब हर बैटरी मैन्युफैक्चरर को अपनी बैटरी में एक  UIN ( यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर) देना होगा जिसमे बैटरी कैपेसिटी, वोल्टेज और बाकि की सभी बैटरी विवरण लिंक किये जायेंगे

बैटरी  स्वैपिंग क्या होता है इसके क्या फायदे है ये टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है हम ने ये तो आपको बता दिया अब आपके मन में आ रहा होगा की इसके फायदे है तो कुछ तो कमी या नुकशान भी होगा ही तो हम आपको इसका नुकशान भी बता देते है

बैटरी स्वैपिंग नीति के नुकशान (Battery Swapping Cons)

  • इस पॉलिसी का लाभ उठाने के लिए आपको सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है
  • इस कांसेप्ट की सबसे बड़ी दिक्क्त यही है की बैटरी पैक standardized नहीं है यानि रिवोल्ट बाइक के बैटरी को आप  Ather  के लिए यूज़ नहीं कर सकते
  • इसके अलावा  अगर हर बैटरी बार बार स्वैपिंग होगी तो चार्जिंग और डिस्चार्जिंग प्रोसेस से गुजरेगी उतनी ही उसकी लाइफ एक्सपेक्टेशन कम होगी .
  • टू व्हीलर EV में तो आसानी से हम अपनी बैटरी को रिमूव करके स्वैपिंग स्टेशन पर बदल सकते है मगर फोर व्हीलर EV में इतनी हैवी बैटरी रिमूव करके बार बार चेंज करना थोड़ा मुश्किल है

कैसे काम करता है बैटरी स्वैपिंग मॉडल ( Battery Swapping Working Model)

बैटरी स्वैपिंग का ये मॉडल बहुत ही आसान है बस आपको अपनी डिस्चार्ज बैटरी को बैटरी स्वैपिंग स्टेशन पर लेकर जाना है और उसके बाद बैटरी स्टेशन में आपके बैटरी की क्षमता और उसकी गुणवत्ता को चेक करके उसी के हिसाब से आपको फुल चार्ज बैटरी मिल जाएगी

बैटरी स्वैपिंग नीति का उद्देश्य

लोगो को इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रति जागरूक बनाने तथा इंडिया को पेट्रोल के प्रदूषण रहित बनाने के लिए नीति आयोग ने ये फैसला लिया है जिससे लोग EV के प्रति आकर्षित हो सके यही नहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए सरकार ने कई सारे EV  Subsidy भी चालू किया है जिसके तहत EV खरीदने वालो को भारी छूट मिलती है

आपको क्या लगता है बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी EV चालकों के लिए एक राहत लेकर आएगी?  . Go Green Go Electric

FAQs

Q . बैटरी स्वैपिंग क्या होता है ?

Ans. स्वैपिंग यानि अदला बदली | बैटरी स्वैपिंग नीति में आप अपनी डिस्चार्ज EV बैटरी के बदले फुल चार्ज बैटरी ले सकते हो मतलब चार्ज में घंटो गवाए बिना आप पहले से चार्ज बैटरी ले सकते हो

Q. बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी की घोषणा कब की गई ?

Ans. बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी को पहली बार फरवरी 2022 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया,

Q. इलेक्ट्रिक व्हीकल में कौन सी बैटरी लगी होती है

Ans. इलेक्ट्रिक वाहनों में लिथियम आयन और लेड एसिड बैटरी इस्तेमाल की जाती है मगर ज्यादातर EV कंपनी लिथियम आयन यूज़ करती है क्योकि इसकी गुणवत्ता काफ़ी अच्छी होती है

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